Breaking News

लोकल ट्रेन में एमएसटी नहीं चल रही, एनसीआर के टिकट काउंटर पर लगने लगी लंबी लाइन

हाइलाइट्स:

  • कोरोना महामारी के बीच दिल्ली-एनसीआर में 11 महीनों बाद जनरल टिकट पर रेल यात्रा की शुरुआत तो गई, लेकिन दैनिक यात्रियों की दुश्वारी दूर नहीं हुई
  • एक तो रेलवे ने सीमित संख्या में ट्रेन चलाए हैं, तिस पर उसमें एमएसटी लागू नहीं है
  • पैसेंजर ट्रेन में सफर करने के बावजूद यात्रियों को एक्सप्रेस टिकट लेने को मजबूर किया जा रहा है
  • रेलवे के मोबाइल फोन वाले टिकटिंग ऐप पर भी टिकट नहीं मिल रहा है
  • इससे टिकट काउंटर पर लंबी भीड़ लगने लगी है और भीड़ के चक्कर में लोगों की ट्रेन भी छूट रही है

सूरज सिंह, नई दिल्ली
कोरोना महामारी के बीच दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में 11 महीनों बाद जनरल टिकट (General Ticket) पर रेल यात्रा की शुरुआत तो गई, लेकिन दैनिक यात्रियों (Daily Passenger) की दुश्वारी दूर नहीं हुई। एक तो रेलवे ने सीमित संख्या में ट्रेन (Limited Number of Trains) चलाए हैं। तिस पर उसमें एमएसटी (MST Not valid) लागू नहीं है। पैसेंजर ट्रेन में सफर करने के बावजूद यात्रियों को एक्सप्रेस टिकट लेने को मजबूर किया जा रहा है। रेलवे के मोबाइल फोन वाले टिकटिंग ऐप (Railway Ticketing App) पर भी टिकट नहीं मिल रहा है। इससे टिकट काउंटर (Ticket Counter) पर लंबी भीड़ लगने लगी है। भीड़ के चक्कर में लोगों की ट्रेन भी छूट रही है।

आधे घंटे रहिए लाइन में, तब मिलेगा टिकट
सोमवार को जब ट्रेन चली तो बहुत से यात्रियों को पता ही नहीं था कि ट्रेन में एमएसटी लागू नहीं है। ऐसे में उन्हें टिकट काउंटर से हर रोज टिकट कटाने के अलावा कोई चारा नहीं है। आज सुबह सोनीपत स्टेशन में रेल मुसाफिरों को आधे घंटे में टिकट मिल सका। इससे पैसेंजर्स की ट्रेन छुटने का डर बना रहता है। काउंटर पर जल्दी टिकट पाने के लिए लोग एक-दूसरे से भिड़ रहे हैं, जिसमें सोशल डिस्टेंस रख पाना मुश्किल हो रहा है।

Petrol Price: एक और राज्य ने दी उपभोक्ताओं को राहत, केंद्र और दूसरे राज्यों पर बढ़ा दबाव

एक तो महंगा टिकट, ऊपर से धक्के खाओ
करनाल से नई दिल्ली आने वाले अंशुल नारंग ने बताया कि एक तो महंगा टिकट खरीदों और ऊपर से लाइन में धक्के खाओ। अभी मासिक टिकट की परमिशन नहीं दी गई है। अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम (UTS) मोबाइल एप पर भी टिकट नहीं मिल रहा है। पहले करनाल से दिल्ली का टिकट 35 रुपये था और अब 75 रुपये का हो गया है। बस से 125 रुपये लगते हैं। किसान आंदोलन की वजह से बसें नहीं आ रहीं। अब तक कार पूलिंग कर 350 रुपये में रोजाना खर्च कर दफ्तर जा रहे थे।

PMAY: नहीं होगी सस्ते घर की कमी, प्रधानमंत्री आवास योजना में 56 हजार से भी ज्यादा नए मकान अप्रूव्ड

रेलवे को दैनिक यात्रियों की परेशानी समझ नहीं आ रही
अंशुल नारंग का कहना है कि लगता है कि रेलवे ने अहसान करते हुए अनरिजर्व्ड ट्रेन (Unreserved Trains) चलाई है। रेलवे ने ट्रेन तो चलाई है, लेकिन खानापूर्ति के लिए। ट्रेनों की संख्या गिनती की हैं। सीमित ट्रेन (Limited Number of Trains) होने की वजह से कोच में सोशल डिस्टेंस (Social Distancing Norm) भी फॉलो नहीं हो रहा। क्योंकि, सभी को जाना है, तो लोग दूर-दूर कैसे बैठें। भीड़ की स्थिति बनी रहती है। अंशुल ने बताया कि वे इनकम टैक्स पेयर हैं। सरकार को टैक्स देते हैं, तो उम्मीद करते हैं कि सुविधा मिलेगी। लॉकडाउन से पहले करनाल से दिल्ली के बीच 30-35 ट्रेन थी, जिसमें एक्सप्रेस भी थी। मंथली सीजन (MST) के जरिए इनमें भी सफर हो जाता था। रेलवे को दैनिक यात्रियों की परेशानी समझ नहीं आ रही।

Gold Rate Today: डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से चमका सोना, जानिए नया रेट

एमएसटी लागू करे सरकार
दैनिक यात्री संघ पालम दिल्ली-रेवाड़ी रूट के महासचिव बालकृष्ण अमरसरिया ने आज भी रेल मंत्री पीयूष गोयल को ट्विटर पर लिखा कि स्पेशल बनाकर चलाई जा रही पैसेंजर ट्रेनों में एमएसटी को लागू किया जाए। भले, कुछ पैसे फालतू वसूल कर लें। दैनिक यात्रियों के पास इतना समय नहीं होता है कि रोजाना काउंटर पर लाइन लगाकर टिकट लें। जल्दी टिकट पाने के चक्कर में आपस में लड़ाई होने का खतरा बना रहता है। साथ ही दिल्ली-रेवाड़ी रूट पर भी अनरिजर्व्ड रेल सेवा शुरू की जाए।

बैंक के सेविंग्स अकाउंट पर पा सकते हैं FD जैसा ब्याज, जानें कैसे

Source link